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JATADHARI SHIKSHAN PRASHIKSHAN MAHAVIDYALAYA,MAROOFPUR,CHANDAULI,(U.P.)
यह महाविद्यालय चन्दौली जनपद मुख्यालय से लगभग 30 किमी0 दूर चन्दौली-सैदपुर घाट मुख्य मार्ग पर पतित पावनी माँ गंगा के नजदीक मारुफपुर में स्थापित जटाधारी महाविद्यालय की स्थापना स्व० जयप्रकाश सिंह द्वारा की गयी जिन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा एवं अथक परिश्रम से शिक्षण संस्थाओं की स्थापना कर गाँव-गिराव के छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकरणीय प्रयास किया।
नकलविहीन और शुचितापूर्ण परीक्षाओं के लिए हम सदैव प्रतिबद्ध रहे हैं। प्राध्यापक अपनी कक्षाओं के प्रति सजग रहे हैं। इस बात का सदैव ख्याल रखा जाता है कि छात्र-छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार का भेद-भाव न हो। परिसर रैगिंग से पूरी तरह मुक्त है। परिसर को साफ-सुथरा और हरा-भरा रखने में प्राचार्य-प्राध्यापकों की प्रेरणा और कर्मचारियों की मुस्तैदी यहाँ देखी जा सकती है।विभिन्न अवसरों पर छात्र-छात्राओं की सहायता से स्वच्छता और वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित कराए जाते रहे हैं। गाँव की छात्राएँ तेजी से आगे बढ़ रही हैं। वे विभिन्न क्षेत्रों में अपना सम्मानजनक स्थान बना रही हैं। गाँव की लड़कियों के आगे बढ़ने में महाविद्यालयों की बहुत बड़ी भूमिका है। न्यूनतम फीस और अधिकतम सुविधा की नीति ने गाँव की लड़कियों को निर्बाध तरीके से उच्च शिक्षा हासिल करने में सहायता पहुँचाई है। यह गौरव जटाधारी शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय,मारूफपुर,चंदौली उ0प्र0 को हासिल है।महाविद्यालय में पुस्तकालय, वाचनालय एवं बुक बैंक की सुविधा उपलब्ध है | शिक्षणेत्तर कार्यक्रम के अन्तर्गत क्रीड़ा प्रशिक्षण, कार्यक्रम में महाविद्यालय की सक्रिय सहभागिता रहती हैं |
वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रामों का आयोजन एवं प्रेरिकी के माध्यम से छात्र-छात्राओं से सम्पर्क तथा महाविद्यालय के विकास के सन्दर्भ में समय-समय पर मूल्यांकन महाविद्यालय की मुख्य विशेषताएं हैं | ग्रामीण एवं पिछड़ें क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं के सर्वागीण विकास के लिये यह महाविद्यालय संकल्पित एवं प्रतिबद्ध हैं |